11 दिसम्बर को भारत में अंतराष्ट्रीय पर्वत दिवस मनाया गया

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विश्व भर में 11 दिसम्बर को अंतराष्ट्रीय पर्वत दिवस मनाया गया है |

 इस दिवस का मुख्य विषयमाउंटेन्स अंडर प्रेशर: क्लाइमेट, हंगर एंड माइग्रेशन है |

इसका मुख्य उद्देश्य पर्वतीय जीवन में सुधार करना और पर्यावरण में सुधार करना है इसको मानाने का मुख्या उद्देश्य ये है की अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इसकी तरफ आकर्षित करना और पर्वतीय छेत्रो के जागरूकता के लिए कम करना है |

पर्वतीय चेत्र के सतत विकास पर जोर देना है |

आज के समय में पर्वतीय छेत्रो पर कम ध्यान जाने से इस छेत्रो की सतत किकस में काफी पीछे होते जा रहे है |

आज के समय की मांग है की हम लोग इन सभी छेत्रो पर भी पूरी तरह से ध्यान दे जिससे की इन छेत्रो का विकास भी अचे से हो सके |

पर्वतीय छेत्रो की इस्थिति कही भिन्य होती है इसलिए यहाँ की विकास की चुनौतिया भी भिन्य होती है |

जहा आज के समय में वार्यवारण का दोहन इतना ज्यादा हो रहा है वह ये अंतराष्ट्रीय विस्वा दिवस मनाना एक सराहनीय कदम है |

इससे हमारे पर्यावरण को बचने में थोड़ी मदत और जागरूकता भी बढ़ेगी |

इस वर्ष माउंटन पार्ट्नरशिप की 15 वी वर्षगाँठ है |

यह दिवस पहाड़ों में सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2003 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा स्थापित किया गया था |

पृथ्वी की सतह के लगभग 22 प्रतिशत हिस्से पर पहाड़ हैं |

विश्व भर के 915 मिलियन लोग (जो विश्व की जनसंख्या का 13% है) निवास करते हैं |


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