http://pranjalindia.xyz , pranjal india, india, pranjalindia,

• अत्यंत अमीरों यानी मिलियेनरों की संख्या के मामले में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत चौथे स्थान पर है। देश में 219,000 अति अमीर लोग हैं। मिलियेनर उसे माना गया है जिसकी संपदा कम से कम दस लाख डॉलर (6.5 करोड़ रुपये) है। एक रिपोर्ट के अनुसार देश में इन अमीरों की कुल संपदा 877 अरब डॉलर है।

• कैपजेमिनी द्वारा मंगलवार को जारी वर्ष 2017 की एशिया-पैसेफिक वेल्थ रिपोर्ट के अनुसार एशिया-प्रशांत क्षेत्र के कुल मिलियेनरों यानी अत्यंत अमीरों में से चार फीसद भारत में रहते हैं। उनकी संख्या के मामले में भी भारत का चौथा स्थान है।

• अत्यंत अमीरों की संपदा के आंकलन में उनकी निवेश योग्य परिसंपत्तियों को शामिल किया गया है। उनके मुख्य आवास, संग्रहणीय वस्तुओं, उपभोक्ता व टिकाऊ वस्तुओं को शामिल नहीं किया गया है।

• रिपोर्ट के अनुसार 2016 के अंत में जापान में अति अमीरों की संख्या जापान 28.91 लाख, चीन में 11.29 लाख और ऑस्ट्रेलिया में 2.55 लाख थी। वर्ष 2015 व 2016 के दौरान भारत में अति अमीरों की संख्या 9.5 फीसद बढ़ी।

• यह वृद्धि समूचे क्षेत्र में अति अमीरों की संख्या में वृद्धि दर 7.4 फीसद से ज्यादा रही। भारत में वृद्धि दर चीन व जापान से कहीं ज्यादा रही। इन देशों में अति अमीरों की संख्या वृद्धि दर क्रमश: 9.1 और 6.3 फीसद रही।

• रिपोर्ट में कहा गया है कि अति अमीरों की संपदा बढ़ने का ग्राफ और तेज रहा। वर्ष 2015 व 2016 के दौरान उनकी संपदा दहाई अंक में यानी दस फीसद की दर से बढ़ी जबकि पूरे क्षेत्र की औसत वृद्धि दर 8.2 फीसद रही। भारत में वर्ष 2015 में संपदा वृद्धि दर लगभग स्थिर 1.6 फीसद रही। लेकिन इसके बाद 2016 में इसकी दर दस फीसद हो गई।

• मुख्य रूप से शेयरों और रियल एस्टेट में तेजी आने से संपदा बढ़ी। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2017 और 2018 में आर्थिक विकास दर तेज रहने की संभावना से भारत का ग्राफ इस मामले में और ऊपर जा सकता है।

• चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 41 फीसद भारतीय अति अमीरों की वित्तीय संपदा घरेलू बाजार से बाहर थी। उनकी संपदा सिंगापुर में (22.2 फीसद), दुबई (14.4 फीसद) और लंदन (13.4 फीसद) में निवेश की हुई थी।

 


 

Leave a Reply

Your email address will not be published.