• ‘‘द रिमेन्स ऑफ द डे’ उपन्यास के लिए मशहूर ब्रिटिश लेखक काजुओ इशिगुरो को इस वर्ष के साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। स्वीडिश अकादमी ने यह जानकारी दी।अकादमी ने अपनी घोषणा में कहा, 62 साल के लेखक ने शानदार भावनात्मक प्रभाव वाले उपन्यासों में दुनिया के साथ हमारे जुड़ाव की अवास्तविक भावना के नीचे के शून्य को दिखाया है।

• इशिगुरो ने आठ किताबें और साथ ही फिल्म एवं टेलीविजन के लिए पटकथाएं भी लिखी हैं। उन्हें 1989 में ‘‘द रिमेन्स ऑफ दि डे’ के लिए मैन बुकर प्राइज जीता था।जापान के नागासाकी में जन्मे इशिगुरो पांच साल की उम्र में अपने परिवार के साथ ब्रिटेन चले गए थे और वयस्क होने पर जापान की यात्रा की।

• उनका पहला उपन्यास ‘‘अ पेल व्यू ऑफ दि हिल्स’ (1982) और दूसरा उपन्यास ‘‘ऐन आर्टिस्ट ऑफ दि फ्लोटिंग र्वल्ड’ (1986) दोनों द्वितीय विश्वयुद्ध के कुछ सालों के बाद के नागासाकी की पृष्ठभूमि पर आधारित है। अकादमी ने कहा, इशिगुरो को सबसे ज्यादा जिन विषयों के साथ जोड़ा जाता है वह यहां पहले से ही मौजूद हैं-स्मृति, समय और आत्म विमोह।

• अकादमी के अनुसार यह उनके सबसे मशहूर उपन्यास द रिमेन्स ऑफ दि डे में खासतौर पर दिखता है जिसपर बनी फिल्म में एंथनी होपकिंस ने काम को लेकर बेहद समर्पित रसोइए स्टीवेंस की भूमिका निभायी थी। घोषणा में कहा गया, इशिगुरो की रचनाओं में अभिव्यक्ति का एक संयमित माध्यम दिखता है जो घटनाक्र मों से अप्रभावित होता है।

• नोबेल निर्णायक मंडल के अनुसार लेखक की मशहूर रचनाओं में 2005 में आयी किताब ‘‘नेवर लेट मी गो’ शामिल है जिसमें उन्होंने अपनी रचना में साइंस फिक्शन के धीमे अंतप्र्रभाव को पेश किया।

• 2015 में आए उनके नवीनतम उपन्यास ‘‘द बरिड जाइंट’ में एक गतिशील तरीके से दिखाया गया है कि स्मृति का विस्मृति, इतिहास का वर्तमान और फंतासी का वास्तविकता से क्या संबंध है।

 


 

 

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