प्रधानमंत्री ने आज यहां ओएनजीसी के नए कारपोरेट कार्यालय भवन पंडित दीन दयाल उपाध्याय ऊर्जा भवन का उद्घाटन करने के बाद सौभाग्य योजना की शुरुआत की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गांव या शहर, सभी घरों को रौशन करने लिए सौभाग्य योजना की शुरुआत की।

इसके तहत 31 मार्च, 2019 तक सभी घरों को बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य है।
इस योजना में गरीब लोगों को मुफ्त में बिजली कनेक्शन दिया जाएगा।

इस योजना से देश के तीन करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गरीब महिलाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना है। आज भी करोड़ों गरीब परिवारों के यहां मोमबत्ती जलाई जाती है। बिजली के अभाव में महिलाओं को अंधेरे में खाना पकाना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि 31 मार्च, 2019 तक देश का गांव हो या शहर, हर घर बिजली से रौशन होगा।

प्रीपेड मॉडल : इस अवसर पर बिजली मंत्री आरके सिंह ने कहा कि हर घर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य समय से पहले 31 दिसम्बर, 2018 तक पूरा कर लिया जाएगा।

सभी घरों को बिजली पहुंचाने के लिए प्रीपेड मॉडल अपनाया जाएगा। इस मीटर को मोबाइल के जरिए और आनलाइन भी रीचार्ज कराया जा सकेगा।

कितना होगा खर्च

इस योजना पर कुल 16,320 करोड़ रूपये खर्च होंगे जिसमें से बजटीय सहायता 12,320 करोड़ रूपये होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 14,025 करोड़ रूपये का खर्च रखा गया है। इसमें सरकारी सहायता 10587.50 करोड़ रूपये होगी।

शहरी क्षेत्रों के लिए कुल खर्च 1732.50 करोड़ रपए होगा जिसमें बजटीय सहायता 2295 करोड़ रूपये होगी।

उज्ज्वला योजना का असर : सरकार ने गांवों में गरीब परिवारों के लिए शुरू की गई उज्ज्वला योजना की सफलता से उत्साहित होकर यह कदम उठाया है।

उज्ज्वला योजना के तहत पांच करोड़ रसोई गैस कनेक्शन मुफ्त दिए जाने हैं। यह योजना गांवों में खासी लोकप्रिय रही है। अब तक तीन करोड़ से ज्यादा कनेक्शन बांटे जा चुके हैं।


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