राष्ट्रीय बांस मिशन

केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने वार्षिक बजट में 1290 करोड़ रूपये के प्रावधान के साथ ‘राष्ट्रीय बांस मिशन‘ की घोषणा के लिए वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली को धन्यवाद दिया।

बजट की प्रस्तुतिकरण के कुछ समय बाद आज मीडिया से बात करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर के

लिए बांस मिशन का विशेष महत्व है और आज बजट में केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा इसकी घोषणा से इस क्षेत्र के

विकास के लिए केंद्र सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता के प्रमाण को और भी मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि यह भी

एक सुखद संयोग है कि श्री अरुण जेटली के बजट की घोषणा 90 वर्ष पुराने “भारतीय वन अधिनियम 1927” में

संशोधन करने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के करीब आ चुका है और इस संशोधन में बांस को वन और गैर वन

भूमि दोनों में छूट दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कैबिनेट के फैसले के बाद आज बजट में इसकी घोषणा होने

से इस क्षेत्र में राजस्व पैदा करने में यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा और इसके साथ ही खासकर पूर्वोत्तर क्षेत्र

में रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी मददगार साबित होगा।

 

डॉ जितेंद्र सिंह ने “मत्स्य निधि” के रूप में 10,000 करोड़ रूपये की घोषणा की भी सराहना की, जिससे पूर्वोत्तर के लोगों को भी काफी लाभ होगा।

बजट की मुख्य बातों पर टिप्पणी करते हुए डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि वैसे तो वित्त मंत्री ने समाज के हर वर्ग के लिए सराहनीय कार्य

किया है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा संवेदनशीलता है, जिसमें से कुछ ऐसे वर्गों को संबोधित किया है, जिन पर पहले उस तरह से

ध्यान केन्द्रित नहीं किया गया था जबकि इन पर पहले ही ध्यान दिया जाना चाहिए था। जैसे, यह पहली बार है कि सरकार ने

वेतनभोगी वर्ग के योगदान को खुले दिल से स्वीकार किया है जो पूरे देश में आयकर संग्रह में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और उसके

अनुसार, विशेष रूप से इस वर्ग के लिए कुछ छूट की भी घोषणा की है।

 

डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस बजट में वरिष्ठ नागरिकों की बढ़ती आबादी के मुद्दे को स्पष्ट रूप से संबोधित करने के लिए मैं वित्त मंत्री को

बधाई देता हूं तथा कहा कि आने वाले वर्षों में वास्तव में यह एक बड़ा मुद्दा बनने वाला है। औसत उम्र बढ़ने की वजह से न केवल वरिष्ठ

नागरिकों की संख्या बढ़ जाती है, बल्कि उन्हें उम्र के साथ बीमारी, मदद के लिए देखभाल करने वालों की कमी और वित्तीय बाधाओं का भी

सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसी बात का ध्यान रखते हुए सरकार ने 50,000 रुपये तक बैंक खाते पर ब्याज से आमदनी पर

आयकर में छूट का प्रावधान किया एवं 50,000 रुपये तक की स्वास्थ्य बीमा राशि में वृद्धि और चिकित्सा व्यय में वृद्धि पर भी विशेष ध्यान

दिया गया है।

इसके अलावा, डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस वर्ष के बजट में किसानों की आय में वृद्धि पर विशेष ध्यान देने के लिए “ऑपरेशन ग्रीन

की एक नई अवधारणा तैयार की गई है।

 


 

3 thoughts on “राष्ट्रीय बांस मिशन”

  1. बांस मिशन देश के जंगली छेत्रो के विकास के लिए फायदे मंद रहेगा | किसानो कि आय भी बढ़ाने में मदत करेगा …..

  2. इससे किसानो कि आमदनी बढ़ेगी
    लोगो को इसके बारे में समझाना जरुरी है क्यों कि लोगो को पता ही नहीं होता ऐसी चीजों का

  3. ये एकअच्छा योजना है इससे ढंग से लागु करना ही देश के हित में होगा

Leave a Reply

Your email address will not be published.