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एनडीआरएफ ने पिछले वर्ष देश में आपदाओं से घिरे 4000 लोगों की जानें बचाई

एनडीआरएफ
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राष्‍ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने आज यहां अपना 13वां संस्‍थापना दिवस मनाया। खुफिया ब्‍यूरो के निदेशक श्री राजीव जैन इस अवसर पर मुख्‍य अतिथि थे। एनडीआरएफ के महानिदेशक श्री संजय कुमार, एनडीएमए सदस्‍य श्री आर.के.जैन, एनडीआरएफ के आईजी श्री रवि जोयश कोक्‍कु एवं एनएसडीसी विशाल शर्मा ने कार्यक्रम में भाग लिया।

 

श्री राजीव जैन ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एनडीआरएफ की भूमिका के लिए उसकी सराहना की एवं कहा कि पिछले कई वर्षों से इस बल ने बहादुरी के साथ वि‍विध चुनौतियों का मुकाबला करते हुए और उच्‍च स्‍तर के पेशेवर रवैये, संकल्‍प तथा कड़ी मेहनत का प्रदर्शन करते हुए मुसीबत में फंसे लोगों की जान बचाने का सराहनीय कार्य किया है। एनडीएमए के सदस्‍य श्री आर.के.जैन ने भी इस बल के जवानों की कड़ी मेहनत एवं लगन की सराहना की तथा आपदा जोखिम में कमी लाने के इसके प्रयासों की प्रशंसा की। पिछले वर्ष एनडीआरएफ द्वारा देश में आपदाओं से घिरे 4000 लोगों की जानें बचाने में उसकी भूमिका की सराहना करते हुए खुफिया ब्‍यूरो के निदेशक श्री राजीव जैन ने कहा कि यह पिछले कई सालों से देश के लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरा है।

 

एनडीआरएफ के महानिदेशक श्री संजय कुमार ने देश के खतरा जोखिम और भारत तथा दुनिया भर में आपदा प्रबंधन में हुए महत्‍वपूर्ण बदलावों को रेखांकित किया। उन्‍होंने समुदाय की मुकाबला करने की क्षमता को बढ़ाने की आवश्‍यकता पर जोर दिया एवं विभिन्‍न लोक संपर्क कार्यक्रमों नामत: अनुकूलीकरण अभ्‍यास, स्‍कूल सुरक्षा कार्यक्रमों (एसएसपी) एवं कृत्रिम अभ्‍यासों, जिसमें अभी तक एनडीआरएफ द्वारा 55.5 लाख से अधिक लोगों को संवेदनशील बनाया जा चुका है, के जरिये देश के प्रत्‍येक नागरिक को सुग्राही बनाने के लिए बल द्वारा उठाए गए कदमों को रेखांकित किया।

 

महानिदेशक ने यह भी कहा कि एनडीआरएफ अब आपदा मोचन एवं प्रबंधन के क्षेत्र में भारत सरकार के सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण संस्‍थान में तब्‍दील हो चुका है और राष्‍ट्रीय एवं अंतरराष्‍ट्रीय मंचों पर कई सम्‍मान हासिल कर चुका है। 2017 में एनडीआरएफ ने बाढ़ों, भू-स्‍खलनों, नौकाओं के डूबने, रेल दुर्घटनाओं, इ्मारतों को ढहने जैसी दुर्घटनाओं से संबंधित 447 ऑपरेशन किए तथा 4000 लोगों की जानें बचाई और एक लाख लोगों को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया।

 

एनडीआरएफ एवं एनएसडीसी के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्‍ताक्षर किया गया। इसके अतिरिक्‍त कार्यक्रम के दौरान फेसबुक के साथ भी सहयोग किया गया। फेसबुक के साथ सहयोग की विशेषताओं में लक्षित, भौगोलिक मैसेजिंग, आपदा सूचना कार्यकर्ता एवं समुदाय क्षमता निर्माण शामिल हैं।

 

इस अवसर पर माननीय मुख्‍य अतिथि ने एनडीआरएफ स्‍मारिका का विमोचन किया और सर्वश्रेष्‍ठ इंटर बीएन. खेल स्‍पर्धा, अंत: विद्यालय प्रतियोगिता के विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान की एवं एनडीआरएफ के जवानों को उनकी अमूल्‍य सेवा के लिए विशिष्‍ट सेवा पदक से सम्‍मानित किया।

इस कार्यक्रम का अवलोकन विभिन्‍न संगठनों, मंत्रालयों, प्रधानमंत्री कार्यालय, एनडीएमए, एनआईडीएम, सीएपीएफ के प्रमुख, एसडीआरएफ के प्रतिनिधियों एवं मीडिया से जुड़े प्रतिनिधियों ने किया।

 

राष्‍ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) देश का एक विशिष्‍टीकृत बहुकुशल, मानवीय संगठन है जो 19 जनवरी, 2006 को अस्तित्‍व में आया। एनडीआरएफ देश में आपदा जोखिम में कमी (डीआरआर) लाने के लिए आपदा प्रबंधन एवं सामुदायिक जागरुकता में एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

 


 

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