FASTag


क्या है FASTag

FASTag एक रिचार्जेबल कार्ड है जिसमें रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। कार की विंडस्क्रीन पर लगने वाले इस कार्ड का इस्तेमाल टोल टैक्स भरने में होगा। वाहन के मालिक को यह FASTag प्रीपेड अकाउंट से लिंक कराना होगा और इसके जरिए टोल टैक्स का पेमेंट ऑटोमैटिकली हो जाएगा। 

कैसे काम करता है ये कार्ड

फास्टैग लगी कार जब टोल प्लाजा पर पहुंचेगी तो यहां उनके लिए एक खास लेन बनी होगी। इस लेन में लगी एक डिवाइस से संपर्क में आने के बाद टोल टैक्स खुद ही कट जाएगा और चालक बिना रुके टोल प्लाजा पार कर लेगा। यूजर्स को टोल ट्रांजेक्शन, लो बैलेंस और दूसरी चीजों का एसएमएस अलर्ट भी मिलेगा।

एक बार खरीदने पर फास्टैग पांच साल के लिए वैध होगा और ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से इसनें रिचार्ज करा सकते हैं। FASTags को क्रेडिट/डेबिट/NEFT/ RTGS या नेट बैंकिग के जरिए रिचार्ज करा सकेंगे। इस कार्ड में कम से कम 100 और ज्यादा से ज्यादा 1 लाख रुपए का रिचार्ज कराया जा सकेगा। 

सरकार ने यह फैसला अपनी इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन योजना के तहत लिया है। वर्तमान में देशभर में स्थित सभी 370 टोल प्लाजा पर कम से कम एक लेन ऐसी होगी जो FASTag वाले वाहनों के लिए होगी। धीरे-धीरे यह सुविधा सभी लेन में दे दी जाएगी।

 

1 दिसबंर से हर नई कार में FASTag नाम की डिवाइस लगी मिलेगी। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने कार निर्माता कंपनियों व अधिकृत डीलर्स को यह काम सौंप दिया है कि 1 दिसंबर से बिकने वाली हर  नई कार में इस डिवाइस को लगाया जाए। इस टैग के जरिए टोल बूथ पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।


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